Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.193.7-8: दूसरी ओर कवच, चमकती ढालें, तलवारें, विशाल एवं विचित्र घोड़े और रथ, उत्तम धनुष, विचित्र बाण, स्वर्ण-जटित भाले और बाण, भाले, भुशुण्ड, कुल्हाड़ी तथा सभी प्रकार के युद्ध उपकरण, उत्तम पदार्थों से बने हुए बिस्तर और चटाइयाँ तथा नाना प्रकार के वस्त्र भी वहाँ रखे हुए थे। | mahabharat अध्याय 1.193: पाण्डवों और कुन्तीका द्रुपदके घरमें जाकर सम्मानित होना और राजा द्रुपदद्वारा पाण्डवोंके शील-स्वभावकी परीक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दूसरी ओर कवच, चमकती ढालें, तलवारें, विशाल एवं विचित्र घोड़े और रथ, उत्तम धनुष, विचित्र बाण, स्वर्ण-जटित भाले और बाण, भाले, भुशुण्ड, कुल्हाड़ी तथा सभी प्रकार के युद्ध उपकरण, उत्तम पदार्थों से बने हुए बिस्तर और चटाइयाँ तथा नाना प्रकार के वस्त्र भी वहाँ रखे हुए थे।
On the other hand, armour, shining shields, swords, huge and strange horses and chariots, excellent bows, strange arrows, golden-decorated spears and arrows, spears, Bhushundas, axes and all kinds of war equipment, beds and mats made of the finest materials and various kinds of clothes were also stored there. 7-8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥