Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.193.5-6: हे राजन! वहाँ (सभी प्रकार के) फल, सुन्दर मालाएँ, कवच, ढाल, चटाई, गौएँ, रस्सियाँ, बीज तथा अन्य कृषि उपकरण और शिल्पकला की वस्तुएँ पूर्णतः संग्रहित थीं। इसके अतिरिक्त, राजा द्रुपद ने खेलों के लिए आवश्यक सभी वस्तुएँ भी वहाँ एकत्रित की थीं। | mahabharat अध्याय 1.193: पाण्डवों और कुन्तीका द्रुपदके घरमें जाकर सम्मानित होना और राजा द्रुपदद्वारा पाण्डवोंके शील-स्वभावकी परीक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! वहाँ (सभी प्रकार के) फल, सुन्दर मालाएँ, कवच, ढाल, चटाई, गौएँ, रस्सियाँ, बीज तथा अन्य कृषि उपकरण और शिल्पकला की वस्तुएँ पूर्णतः संग्रहित थीं। इसके अतिरिक्त, राजा द्रुपद ने खेलों के लिए आवश्यक सभी वस्तुएँ भी वहाँ एकत्रित की थीं।
O King! (All kinds of) fruits, beautifully made garlands, armour, shields, mats, cows, ropes, seeds and other farming equipment and other craftsmanship items were completely stored there. Apart from this, all the things required for the games were also collected there by King Drupada. 5-6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥