Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.8: उन दोनों वीरों ने माता के चरणों में प्रणाम किया और द्रौपदी से भी प्रणाम करने को कहा। प्रणाम करके वहाँ खड़े हुए श्रीकृष्ण को उन्होंने माता को सौंप दिया और स्वयं पुरुषोत्तम भिक्षा लेने चले गए। 8॥ | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्यास्ततस्तावभिवाद्य पादौ
उक्ता च कृष्णा त्वभिवादयेति।
स्थितां च तत्रैव निवेद्य कृष्णां
भिक्षाप्रचाराय गता नराग्रॺा:॥ ८॥
अनुवाद
उन दोनों वीरों ने माता के चरणों में प्रणाम किया और द्रौपदी से भी प्रणाम करने को कहा। प्रणाम करके वहाँ खड़े हुए श्रीकृष्ण को उन्होंने माता को सौंप दिया और स्वयं पुरुषोत्तम भिक्षा लेने चले गए। 8॥
These two heroes bowed at the feet of their mother and asked Draupadi to also bow to them. After paying obeisance, he handed over Krishna who was standing there to his mother and he himself, the best of men, went to bring alms. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥