Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.4-5: उस समय राजकुमारी कृष्ण बहुत प्रसन्न होकर उनका मृगचर्म धारण करके उनके पीछे-पीछे ऐसे चल रही थीं, जैसे कोई हथिनी राजहंस के पीछे-पीछे चलती है। यह देखकर राजा लोग इसे सहन न कर सके और क्रोध में भरकर उस पर चारों ओर से आक्रमण कर दिया। तभी एक अन्य वीर पुरुष एक बहुत बड़ा वृक्ष उखाड़कर राजाओं के उस समूह में कूद पड़ा और जैसे यमराज क्रोध में भरकर सब प्राणियों का संहार कर देते हैं, उसी प्रकार उसने उन राजाओं को मृत्यु के मुख में भेजना आरम्भ कर दिया। | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय राजकुमारी कृष्ण बहुत प्रसन्न होकर उनका मृगचर्म धारण करके उनके पीछे-पीछे ऐसे चल रही थीं, जैसे कोई हथिनी राजहंस के पीछे-पीछे चलती है। यह देखकर राजा लोग इसे सहन न कर सके और क्रोध में भरकर उस पर चारों ओर से आक्रमण कर दिया। तभी एक अन्य वीर पुरुष एक बहुत बड़ा वृक्ष उखाड़कर राजाओं के उस समूह में कूद पड़ा और जैसे यमराज क्रोध में भरकर सब प्राणियों का संहार कर देते हैं, उसी प्रकार उसने उन राजाओं को मृत्यु के मुख में भेजना आरम्भ कर दिया।
At that time, Princess Krishna was very happy and holding his deerskin, she was following him just like a female elephant following a king elephant. Seeing this, the kings could not tolerate it and filled with anger, they attacked her from all sides to fight. Then another brave man uprooted a very big tree and jumped into that group of kings and just like Yamraj, filled with anger, kills all living beings, in the same way he started sending those kings to the jaws of death.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥