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mahabharat 1.192.26: 'ब्राह्मण! राजा द्रुपद की पूर्व इच्छा भी पूर्ण होगी। हम इस राजकुमारी को सर्वथा स्वीकार्य एवं श्रेष्ठ मानते हैं॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.192.26 
कामश्च योऽसौ द्रुपदस्य राज्ञ:
स चापि सम्पत्स्यति पार्थिवस्य।
सम्प्राप्यरूपां हि नरेन्द्रकन्या-
मिमामहं ब्राह्मण साधु मन्ये॥ २६॥
 
 
अनुवाद
'ब्राह्मण! राजा द्रुपद की पूर्व इच्छा भी पूर्ण होगी। हम इस राजकुमारी को सर्वथा स्वीकार्य एवं श्रेष्ठ मानते हैं॥ 26॥
 
'Brahmin! The earlier desire of King Drupada will also be fulfilled. We consider this princess to be completely acceptable and the best.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)