Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.20h: वह कहते हैं कि यदि मेरी यह इच्छा पूरी हो जाए, तो मैं समझूँगा कि यह मेरे पुण्य का फल है। यह मेरे लिए यश, पुण्य और लाभ की बात होगी।॥19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृतं हि तत् स्यात् सुकृतं ममेदं
यशश्च पुण्यं च हितं तदेतत्।
अनुवाद
वह कहते हैं कि यदि मेरी यह इच्छा पूरी हो जाए, तो मैं समझूँगा कि यह मेरे पुण्य का फल है। यह मेरे लिए यश, पुण्य और लाभ की बात होगी।॥19 1/2॥
‘He says that if this wish of mine is fulfilled, then I will understand that this is the result of my good deeds. This will be a matter of fame, virtue and benefit for me.'॥ 19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥