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mahabharat 1.192.15: राजा की प्रार्थना स्वीकार करके पुरोहित वहाँ गया और उन सबकी स्तुति करके राजा द्रुपद के वचनों को यथावत् एक-एक करके दोहराने लगा-॥15॥   |   mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.192.15 
गृहीतवाक्यो नृपते: पुरोधा
गत्वा प्रशंसामभिधाय तेषाम्।
वाक्यं समग्रं नृपतेर्यथाव-
दुवाच चानुक्रमविक्रमेण॥ १५॥
 
 
अनुवाद
राजा की प्रार्थना स्वीकार करके पुरोहित वहाँ गया और उन सबकी स्तुति करके राजा द्रुपद के वचनों को यथावत् एक-एक करके दोहराने लगा-॥15॥
 
Accepting the king's request, the priest went there and after praising them all, he began to repeat the words of king Drupada exactly one by one -॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)