Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.14: हे जनमेजय! राजा द्रुपद इस समाचार से बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने तुरन्त अपने पुरोहित को उनके पास भेजा और कहा, 'कृपया उनसे कहिए कि मैं आपका परिचय जानना चाहता हूँ। क्या आप महात्मा पाण्डु के पुत्र हैं?'॥14॥ | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: स राजा द्रुपद: प्रहृष्ट:
पुरोहितं प्रेषयामास तेषाम्।
विद्याम युष्मानिति भाषमाणो
महात्मान: पाण्डुसुतास्तु कच्चित्॥ १४॥
अनुवाद
हे जनमेजय! राजा द्रुपद इस समाचार से बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने तुरन्त अपने पुरोहित को उनके पास भेजा और कहा, 'कृपया उनसे कहिए कि मैं आपका परिचय जानना चाहता हूँ। क्या आप महात्मा पाण्डु के पुत्र हैं?'॥14॥
O Janamejaya! King Drupada was very happy with this news. He immediately sent his priest to them and said, 'Please tell them that I want to know your identity. Are you the sons of Mahatma Pandu?'॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥