Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.13: जिस प्रकार उन्होंने बड़े जोर से धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई, जिस प्रकार अभेद्य लक्ष्य को भेदा और जिस प्रकार सब भाई आपस में बातें कर रहे थे, उससे यह निश्चय हो जाता है कि कुन्ती के पुत्र सचमुच ब्राह्मणों का वेश धारण करके घूम रहे हैं॥13॥ | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा हि लक्ष्यं निहतं धनुश्च
सज्यं कृतं तेन तथा प्रसह्य।
यथा हि भाषन्ति परस्परं ते
छन्ना ध्रुवं ते प्रचरन्ति पार्था:॥ १३॥
अनुवाद
जिस प्रकार उन्होंने बड़े जोर से धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई, जिस प्रकार अभेद्य लक्ष्य को भेदा और जिस प्रकार सब भाई आपस में बातें कर रहे थे, उससे यह निश्चय हो जाता है कि कुन्ती के पुत्र सचमुच ब्राह्मणों का वेश धारण करके घूम रहे हैं॥13॥
The way they strung the bow with great force, the way they pierced the impenetrable target and the way all the brothers talked among themselves, it becomes certain that the sons of Kunti are indeed roaming around disguised as brahmins.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥