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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.191.8 
कुशैस्तु भूमौ शयनं चकार
माद्रीपुत्र: सहदेवस्तरस्वी।
यथा स्वकीयान्यजिनानि सर्वे
संस्तीर्य वीरा: सुषुपुर्धरण्याम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वीर माद्रीपुत्र सहदेव ने भूमि पर कुश की शय्या बिछाई। तत्पश्चात् सभी वीर पाण्डव मृगचर्म बिछाकर भूमि पर सो गए।
 
Thereafter the valiant and brave son of Madri, Sahadeva, spread a bed of kusha on the ground. Then all the brave Pandavas spread their deerskin and slept on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)