Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.191.6: ‘कल्याणी! यह जो हाथी के समान शरीर वाला गौर वर्ण का युवक यहाँ बैठा है, उसका नाम भीम है। इसे भोजन का आधा भाग दे दो। वीर भीम सदैव बहुत खाता है।’॥6॥ | mahabharat अध्याय 1.191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्धं तु भीमाय च देहि भद्रे
य एष नागर्षभतुल्यरूप:।
गौरो युवा संहननोपपन्न
एषो हि वीरो बहुभुक् सदैव॥ ६॥
अनुवाद
‘कल्याणी! यह जो हाथी के समान शरीर वाला गौर वर्ण का युवक यहाँ बैठा है, उसका नाम भीम है। इसे भोजन का आधा भाग दे दो। वीर भीम सदैव बहुत खाता है।’॥6॥
‘Kalyani! This fair-skinned youth sitting here with a body like that of an elephant is named Bhima. Give him half of the food. The brave Bhima always eats a lot.’॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥