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mahabharat 1.191.3: जब संध्या हुई, तब भीमसेन, अर्जुन, तथा महारथी नकुल और सहदेव, जिन्होंने अपने शत्रुओं का दमन किया था, भिक्षा लेकर युधिष्ठिर के पास आए। वे सभी उदार हृदय वाले थे।   |   mahabharat अध्याय 1.191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.191.3 
सायं च भीमस्तु रिपुप्रमाथी
जिष्णुर्यमौ चापि महानुभावौ।
भैक्षं चरित्वा तु युधिष्ठिराय
निवेदयाञ्चक्रुरदीनसत्त्वा:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
जब संध्या हुई, तब भीमसेन, अर्जुन, तथा महारथी नकुल और सहदेव, जिन्होंने अपने शत्रुओं का दमन किया था, भिक्षा लेकर युधिष्ठिर के पास आए। वे सभी उदार हृदय वाले थे।
 
When the evening came, Bhimasena, Arjuna, and the great warriors Nakula and Sahadeva, who had humbled their enemies, brought alms and offered them to Yudhishthira. All of them had a generous heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)