Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.191.18: ‘क्या कुरुवंश के श्रेष्ठ योद्धा पाण्डु के वीर पुत्र विचित्रवीर्यकुमार आज भी जीवित हैं? क्या आज ही कुन्तीपुत्र अर्जुन ने वह धनुष उठाकर लक्ष्य पर बाण चलाया था?’॥18॥ | mahabharat अध्याय 1.191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘क्या कुरुवंश के श्रेष्ठ योद्धा पाण्डु के वीर पुत्र विचित्रवीर्यकुमार आज भी जीवित हैं? क्या आज ही कुन्तीपुत्र अर्जुन ने वह धनुष उठाकर लक्ष्य पर बाण चलाया था?’॥18॥
‘Are the valiant sons of Pandu, the best warrior of the Kuru clan, Vichitraviryakumara, still alive? Was it today that Kunti's youngest son Arjuna picked up that bow and shot down the target?’॥18॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि स्वयंवरपर्वणि धृष्टद्युम्नप्रत्यागमने एकनवत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १९१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत स्वयंवरपर्वमें धृष्टद्युम्नका प्रत्यागमनविषयक एक सौ इक्यानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥