Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.191.17: 'क्या मैं इतना सौभाग्यशाली होऊँगा कि द्रौपदी का विवाह श्रेष्ठ पुरुषों के साथ करके मुझे कभी दुःख न हो और मैं अत्यंत सुखी रहूँ? हे श्रेष्ठ पुत्र! मुझे ठीक-ठीक बताइए कि वह कौन पुरुष है जिसने आज मेरी पुत्री को जीता है?॥17॥ | mahabharat अध्याय 1.191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'क्या मैं इतना सौभाग्यशाली होऊँगा कि द्रौपदी का विवाह श्रेष्ठ पुरुषों के साथ करके मुझे कभी दुःख न हो और मैं अत्यंत सुखी रहूँ? हे श्रेष्ठ पुत्र! मुझे ठीक-ठीक बताइए कि वह कौन पुरुष है जिसने आज मेरी पुत्री को जीता है?॥17॥
'Will I be so fortunate that I will be extremely happy and never feel sad after marrying Draupadi to the best of men, Arjun? O noble son! Tell me exactly who is the man who has won my daughter today?॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥