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mahabharat 1.191.12: वे सब वचन पांचाल के राजकुमार धृष्टद्युम्न ने सुने और उन सब लोगों ने भी द्रौपदी को वहाँ सोती हुई देखा॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.191.12 
तेषां कथास्ता: परिकीर्त्यमाना:
पाञ्चालराजस्य सुतस्तदानीम्।
शुश्राव कृष्णां च तदा विषण्णां
ते चापि सर्वे ददृशुर्मनुष्या:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वे सब वचन पांचाल के राजकुमार धृष्टद्युम्न ने सुने और उन सब लोगों ने भी द्रौपदी को वहाँ सोती हुई देखा॥12॥
 
All those words were heard by the Prince of Panchala, Dhrishtadyumna, and all those people also saw Draupadi sleeping there.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)