Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.191.11: वे वीर पाण्डव सेनापतियों के योग्य अद्भुत कथाएँ सुनाने लगे। उन्होंने नाना प्रकार के दिव्य अस्त्र-शस्त्रों, रथों, हाथियों, तलवारों, गदाओं और कुल्हाड़ियों की भी चर्चा की। | mahabharat अध्याय 1.191: धृष्टद्युम्नका गुप्तरूपसे वहाँका सब हाल देखकर राजा द्रुपदके पास आना तथा द्रौपदीके विषयमें द्रुपदका प्रश्न । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते तत्र शूरा: कथयाम्बभूवु:
कथा विचित्रा: पृतनाधिकारा:।
अस्त्राणि दिव्यानि रथांश्च नागान्
खड्गान् गदाश्चापि परश्वधांश्च॥ ११॥
अनुवाद
वे वीर पाण्डव सेनापतियों के योग्य अद्भुत कथाएँ सुनाने लगे। उन्होंने नाना प्रकार के दिव्य अस्त्र-शस्त्रों, रथों, हाथियों, तलवारों, गदाओं और कुल्हाड़ियों की भी चर्चा की।
Those valiant Pandavas began to narrate wonderful stories befitting generals. They also discussed about various types of divine weapons, chariots, elephants, swords, maces and axes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥