Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.190.7: 'अर्जुन! तुमने द्रौपदी को जीत लिया है, यह राजकुमारी तुम्हारे साथ शोभा पाएगी। हे शत्रुओं का सामना करने वाले वीर! अग्नि प्रज्वलित करो और विधिपूर्वक (अग्निदेव की उपस्थिति में) इस राजकुमारी से विवाह करो।'॥7॥   |   mahabharat अध्याय 1.190: कुन्ती, अर्जुन और युधिष्ठिरकी बातचीत, पाँचों पाण्डवोंका द्रौपदीके साथ विवाहका विचार तथा बलराम और श्रीकृष्णकी पाण्डवोंसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 190: कुन्ती, अर्जुन और युधिष्ठिरकी बातचीत, पाँचों पाण्डवोंका द्रौपदीके साथ विवाहका विचार तथा बलराम और श्रीकृष्णकी पाण्डवोंसे भेंट  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.190.7 
त्वया जिता फाल्गुन याज्ञसेनी
त्वयैव शोभिष्यति राजपुत्री।
प्रज्वाल्यतामग्निरमित्रसाह
गृहाण पाणिं विधिवत् त्वमस्या:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'अर्जुन! तुमने द्रौपदी को जीत लिया है, यह राजकुमारी तुम्हारे साथ शोभा पाएगी। हे शत्रुओं का सामना करने वाले वीर! अग्नि प्रज्वलित करो और विधिपूर्वक (अग्निदेव की उपस्थिति में) इस राजकुमारी से विवाह करो।'॥7॥
 
'Arjuna! You have won Draupadi, this princess will look good with you. O brave one who faces the enemies! Light the fire and marry this princess as per the rituals (in the presence of Agnidev)'॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)