श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 190: कुन्ती, अर्जुन और युधिष्ठिरकी बातचीत, पाँचों पाण्डवोंका द्रौपदीके साथ विवाहका विचार तथा बलराम और श्रीकृष्णकी पाण्डवोंसे भेंट  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.190.16 
अब्रवीत् सहितान् भ्रातॄन् मिथोभेदभयान्नृप:।
सर्वेषां द्रौपदी भार्या भविष्यति हि न: शुभा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
द्रौपदी के विषय में भाइयों में फूट पड़ने के भय से राजा ने अपने सब बंधु-बांधवों से कहा, "दयालु द्रौपदी हम सबकी पत्नी होगी।" ॥16॥
 
Fearing that there might be a rift amongst the brothers over Draupadi, the king said to all his relatives, "The benevolent Draupadi will be the wife of all of us." ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)