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mahabharat 1.189.41: मृगचर्म धारण करनेवाले ब्राह्मणोंसे घिरे हुए भीमसेन और अर्जुनको आगे बढ़नेमें कठिनाई हो रही थी ॥41॥   |   mahabharat अध्याय 1.189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  1.189.41 
ब्राह्मणैस्तु प्रतिच्छन्नौ रौरवाजिनवासिभि:।
कृच्छ्रेण जग्मतुस्तौ तु भीमसेनधनंजयौ॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
मृगचर्म धारण करनेवाले ब्राह्मणोंसे घिरे हुए भीमसेन और अर्जुनको आगे बढ़नेमें कठिनाई हो रही थी ॥41॥
 
Surrounded by Brahmins wearing the skin of the deer for their clothing, Bhimasena and Arjuna had difficulty in advancing. ॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)