Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.189.36: क्योंकि यदि ब्राह्मण अपराधी भी हों, तो भी उनकी सदैव रक्षा करनी चाहिए। पहले हम उनकी सही जानकारी प्राप्त कर लें, फिर (यदि वे चाहें) तो हम उनसे प्रसन्नतापूर्वक युद्ध करेंगे।॥36॥ | mahabharat अध्याय 1.189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणा हि सदा रक्ष्या: सापराधापि नित्यदा।
अथैनानुपलभ्येह पुनर्योत्स्याम हृष्टवत्॥ ३६॥
अनुवाद
क्योंकि यदि ब्राह्मण अपराधी भी हों, तो भी उनकी सदैव रक्षा करनी चाहिए। पहले हम उनकी सही जानकारी प्राप्त कर लें, फिर (यदि वे चाहें) तो हम उनसे प्रसन्नतापूर्वक युद्ध करेंगे।॥36॥
'Because even if the brahmins are criminals, they should always be protected. First, let us get their correct information, then (if they wish) we will happily fight with them.'॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥