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mahabharat 1.189.30: जब भीमसेन ने शल्य को पराजित कर दिया और कर्ण अर्जुन से भयभीत हो गया, तब सभी राजा सशंकित हो गये और भीमसेन को चारों ओर से घेरकर खड़े हो गये।   |   mahabharat अध्याय 1.189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.189.30 
पातिते भीमसेनेन शल्ये कर्णे च शङ्किते।
शङ्किता: सर्वराजान: परिवव्रुर्वृकोदरम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
जब भीमसेन ने शल्य को पराजित कर दिया और कर्ण अर्जुन से भयभीत हो गया, तब सभी राजा सशंकित हो गये और भीमसेन को चारों ओर से घेरकर खड़े हो गये।
 
When Bhimasena defeated Shalya and Karna became afraid of Arjuna, all the kings became doubtful and stood surrounding Bhimasena from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)