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mahabharat 1.189.19: क्योंकि जब मैं युद्ध में क्रोधित होता हूँ, तब भगवान इन्द्र या किरीटधारी पाण्डुनंदन अर्जुन के अतिरिक्त कोई भी मेरा सामना नहीं कर सकता॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.189.19 
न हि मामाहवे क्रुद्धमन्य: साक्षाच्छचीपते:।
पुमान् योधयितुं शक्त: पाण्डवाद् वा किरीटिन:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
क्योंकि जब मैं युद्ध में क्रोधित होता हूँ, तब भगवान इन्द्र या किरीटधारी पाण्डुनंदन अर्जुन के अतिरिक्त कोई भी मेरा सामना नहीं कर सकता॥19॥
 
Because when I get angry in battle, no one other than Lord Indra or crowned Pandu Nandan Arjun can face me. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)