श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.188.9 
ब्राह्मणो यदि चापल्याल्लोभाद् वा कृतवानिदम्।
विप्रियं पार्थिवेन्द्राणां नैष वध्य: कथंचन॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'यद्यपि इस ब्राह्मण ने अपनी चंचलता अथवा राजकुमारी के लोभ के कारण हम राजाओं को नाराज किया है, तथापि ब्राह्मण होने के कारण हमें इसे किसी भी प्रकार नहीं मारना चाहिए।॥9॥
 
'Although this Brahmin has offended us kings either due to his fickleness or his greed for the princess, yet being a Brahmin we should not kill him in any way.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)