Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.188.2: (अहा! देखो!) ये राजा द्रुपद हम सब लोगों को तिनके के समान तुच्छ समझकर और हमारा अपमान करके अपनी कन्या, जो सब कुमारियों में श्रेष्ठ है, का विवाह एक ब्राह्मण से करना चाहते हैं।॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 1.188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अस्मानयमतिक्रम्य तृणीकृत्य च संगतान्।
दातुमिच्छति विप्राय द्रौपदीं योषितां वराम्॥ २॥
अनुवाद
(अहा! देखो!) ये राजा द्रुपद हम सब लोगों को तिनके के समान तुच्छ समझकर और हमारा अपमान करके अपनी कन्या, जो सब कुमारियों में श्रेष्ठ है, का विवाह एक ब्राह्मण से करना चाहते हैं।॥ 2॥
'(Oh! Look!) This King Drupada, treating us all assembled here as insignificant as straws and insulting us, wants to marry his daughter, the best of all maidens, to a Brahmin.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥