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mahabharat 1.188.16: तदनन्तर वज्र के समान शक्तिशाली और अद्भुत तथा भयंकर कर्म करने वाले, उन अतुलनीय वीर महाबली भीमसेन ने हाथियों के राजा के समान अपने दोनों हाथों से एक वृक्ष को उखाड़ दिया और उसके पत्तों को झटक दिया॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.188.16 
ततस्तु भीमोऽद्‍भुतभीमकर्मा
महाबलो वज्रसमानसार:।
उत्पाटॺ दोर्भ्यां द्रुममेकवीरो
निष्पत्रयामास यथा गजेन्द्र:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर वज्र के समान शक्तिशाली और अद्भुत तथा भयंकर कर्म करने वाले, उन अतुलनीय वीर महाबली भीमसेन ने हाथियों के राजा के समान अपने दोनों हाथों से एक वृक्ष को उखाड़ दिया और उसके पत्तों को झटक दिया॥16॥
 
Then, the mighty Bhimasena, who was as powerful as a thunderbolt and who performed wonderful and terrible deeds, that matchless hero, uprooted a tree with his two hands like a king of elephants and shook off its leaves.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)