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mahabharat 1.188.13: जब द्रुपद ने इतने सारे राजाओं को क्रोध में आकर धनुष हाथ में लिए हुए देखा, तब वे बहुत भयभीत हो गए और ब्राह्मणों की शरण में गए ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 1.188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.188.13 
तान् गृहीतशरावापान् क्रुद्धानापततो बहून्।
द्रुपदो वीक्ष्य संत्रासाद् ब्राह्मणाञ्छरणं गत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
जब द्रुपद ने इतने सारे राजाओं को क्रोध में आकर धनुष हाथ में लिए हुए देखा, तब वे बहुत भयभीत हो गए और ब्राह्मणों की शरण में गए ॥13॥
 
When Drupada saw so many kings approaching in anger and with their bows in hand, he became very frightened and went to the Brahmins for refuge. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)