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mahabharat 1.188.12: ऐसा कहकर तलवार के समान मोटी भुजाओं वाले महाबली राजा हर्ष और उत्साह में भरकर, हाथों में अस्त्र लेकर द्रुपद को मार डालने की इच्छा से बड़े वेग से उनकी ओर दौड़े।   |   mahabharat अध्याय 1.188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.188.12 
इत्युक्त्वा राजशार्दूला हृष्टा: परिघबाहव:।
द्रुपदं तु जिघांसन्त: सायुधा: समुपाद्रवन्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर तलवार के समान मोटी भुजाओं वाले महाबली राजा हर्ष और उत्साह में भरकर, हाथों में अस्त्र लेकर द्रुपद को मार डालने की इच्छा से बड़े वेग से उनकी ओर दौड़े।
 
Having said this, the great king with arms as thick as a sword, filled with joy and enthusiasm, ran towards Drupada with great speed, arms in their hands, with the desire to kill him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)