Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.188.10: क्योंकि हमारा राज्य, जीवन, रत्न, पुत्र-पौत्र तथा अन्य समस्त धन-सम्पत्ति ब्राह्मणों के लिए ही है। (हम इन सब वस्तुओं का ब्राह्मणों के लिए त्याग कर सकते हैं)॥10॥ | mahabharat अध्याय 1.188: द्रुपदको मारनेके लिये उद्यत हुए राजाओंका सामना करनेके लिये भीम और अर्जुनका उद्यत होना और उनके विषयमें भगवान् श्रीकृष्णका बलरामजीसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणार्थं हि नो राज्यं जीवितं हि वसूनि च।
पुत्रपौत्रं च यच्चान्यदस्माकं विद्यते धनम्॥ १०॥
अनुवाद
क्योंकि हमारा राज्य, जीवन, रत्न, पुत्र-पौत्र तथा अन्य समस्त धन-सम्पत्ति ब्राह्मणों के लिए ही है। (हम इन सब वस्तुओं का ब्राह्मणों के लिए त्याग कर सकते हैं)॥10॥
'Because our kingdom, life, gems, sons and grandsons and all other wealth and prosperity are meant for the brahmins only. (We can sacrifice all these things for the brahmins)॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥