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mahabharat 1.187.22: देवता शत्रुओं का संहार करनेवाले अर्जुन के मस्तक पर दिव्य पुष्पों की वर्षा करने लगे॥22॥   |   mahabharat अध्याय 1.187: अर्जुनका लक्ष्यवेध करके द्रौपदीको प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 187: अर्जुनका लक्ष्यवेध करके द्रौपदीको प्राप्त करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.187.22 
पुष्पाणि दिव्यानि ववर्ष देव:
पार्थस्य मूर्ध्नि द्विषतां निहन्तु:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
देवता शत्रुओं का संहार करनेवाले अर्जुन के मस्तक पर दिव्य पुष्पों की वर्षा करने लगे॥22॥
 
The gods started showering divine flowers on the head of Arjun, the slayer of enemies. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)