Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.187.16-17: इस प्रकार जब ब्राह्मण लोग नाना प्रकार की बातें कर रहे थे, तब अर्जुन धनुष के पास जाकर पर्वत के समान स्थिर खड़े हो गए और धनुष की परिक्रमा करने लगे॥16-17॥ | mahabharat अध्याय 1.187: अर्जुनका लक्ष्यवेध करके द्रौपदीको प्राप्त करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं तेषां विलपतां विप्राणां विविधा गिर:॥ १६॥
अर्जुनो धनुषोऽभ्याशे तस्थौ गिरिरिवाचल:।
स तद् धनु: परिक्रम्य प्रदक्षिणमथाकरोत्॥ १७॥
अनुवाद
इस प्रकार जब ब्राह्मण लोग नाना प्रकार की बातें कर रहे थे, तब अर्जुन धनुष के पास जाकर पर्वत के समान स्थिर खड़े हो गए और धनुष की परिक्रमा करने लगे॥16-17॥
In this manner, while the Brahmins were talking about various things, Arjuna went near the bow and stood there as still as a mountain. Then he walked around the bow and circumambulated it.॥16-17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥