Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.186.24-25: इस प्रकार जब वे सब क्षत्रिय सब ओर से चले गए, तब चेदिराज दमघोष का पुत्र अत्यन्त बुद्धिमान शिशुपाल, जो यमराज के समान बलवान, धैर्यवान और वीर था, धनुष उठाने के लिए गया, किन्तु धनुष का स्पर्श होते ही वह घुटनों के बल पृथ्वी पर गिर पड़ा॥24-25॥ | mahabharat अध्याय 1.186: राजाओंका लक्ष्यवेधके लिये उद्योग और असफल होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार जब वे सब क्षत्रिय सब ओर से चले गए, तब चेदिराज दमघोष का पुत्र अत्यन्त बुद्धिमान शिशुपाल, जो यमराज के समान बलवान, धैर्यवान और वीर था, धनुष उठाने के लिए गया, किन्तु धनुष का स्पर्श होते ही वह घुटनों के बल पृथ्वी पर गिर पड़ा॥24-25॥
In this way, when all those Kshatriyas moved away from all sides, then the very intelligent Shishupala, son of Chediraj Damghosh, who was as strong, patient and brave as Yamraj, went to pick up the bow. But as soon as he touched it, he fell on his knees on the earth. 24-25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥