उन सब राजाओं की यह दुर्दशा देखकर धनुर्धरों में श्रेष्ठ कर्ण ने धनुष के पास जाकर उसे उठाया, उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई और शीघ्र ही उस पर पाँच बाण चढ़ा दिए॥*॥21॥
Seeing the plight of all those kings, Karna, the best among archers, went to the bow, picked it up, strung it and soon strung the five arrows on it.*॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥