Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.184.28: महाराज! नगर में लोगों की भीड़ कई दिनों से बढ़ती जा रही थी। राजसभा बहुत सारा धन और रत्न दान कर रही थी। अनेक अभिनेता और नर्तक अपनी कला का प्रदर्शन करके उस सभा की शोभा बढ़ा रहे थे। | mahabharat अध्याय 1.184: पाण्डवोंका द्रुपदकी राजधानीमें जाकर कुम्हारके यहाँ रहना, स्वयंवरसभाका वर्णन तथा धृष्टद्युम्नकी घोषणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! नगर में लोगों की भीड़ कई दिनों से बढ़ती जा रही थी। राजसभा बहुत सारा धन और रत्न दान कर रही थी। अनेक अभिनेता और नर्तक अपनी कला का प्रदर्शन करके उस सभा की शोभा बढ़ा रहे थे।
King! The crowd of people in the city had been increasing for many days. The royal society was donating a lot of money and precious stones. Many actors and dancers were enhancing the beauty of that society by showing their art.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥