Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.184.10: राजा ने एक कृत्रिम आकाश-यन्त्र भी बनवाया (जो आकाश में बड़ी तेजी से घूमता रहता था)। उसने उसी आकार का एक लक्ष्य बनवाया और उसे उस यन्त्र के छेद के ऊपर रख दिया। (इसके बाद उसने यह घोषणा की)॥10॥ | mahabharat अध्याय 1.184: पाण्डवोंका द्रुपदकी राजधानीमें जाकर कुम्हारके यहाँ रहना, स्वयंवरसभाका वर्णन तथा धृष्टद्युम्नकी घोषणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने एक कृत्रिम आकाश-यन्त्र भी बनवाया (जो आकाश में बड़ी तेजी से घूमता रहता था)। उसने उसी आकार का एक लक्ष्य बनवाया और उसे उस यन्त्र के छेद के ऊपर रख दिया। (इसके बाद उसने यह घोषणा की)॥10॥
The king also made an artificial sky-machine (which kept rotating in the sky at a great speed). He got a target made of the same size and placed it over the hole of that machine. (After this he made this announcement)॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥