Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.183.9: धृष्टद्युम्न कवच, तलवार, धनुष और बाण लेकर उत्पन्न हुए हैं। महाबाहु धृष्टद्युम्न अग्नि के समान तेजस्वी हैं, क्योंकि वे प्रज्वलित अग्नि से उत्पन्न हुए हैं॥9॥   |   mahabharat अध्याय 1.183: पाण्डवोंकी पंचालयात्रा और मार्गमें ब्राह्मणोंसे बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 183: पाण्डवोंकी पंचालयात्रा और मार्गमें ब्राह्मणोंसे बातचीत  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.183.9 
यो जात: कवची खड्गी सशर: सशरासन:।
सुसमिद्धे महाबाहु: पावके पावकोपम:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
धृष्टद्युम्न कवच, तलवार, धनुष और बाण लेकर उत्पन्न हुए हैं। महाबाहु धृष्टद्युम्न अग्नि के समान तेजस्वी हैं, क्योंकि वे प्रज्वलित अग्नि से उत्पन्न हुए हैं॥9॥
 
Dhrishtadyumna is the one who was born with armour, sword, bow and arrow. Mahabahu Dhrishtadyumna is as radiant as fire because he was born from a blazing fire.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)