Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.182.8: ब्राह्मण को अपना पुरोहित नियुक्त करने के बाद, पांडवों को पूरा विश्वास हो गया कि उनका राज्य और धन पहले जैसा ही रहेगा। उन्हें यह भी विश्वास था कि स्वयंवर में द्रौपदी उन्हें अवश्य मिलेगी। | mahabharat अध्याय 1.182: पाण्डवोंका धौम्यको अपना पुरोहित बनाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते समाशंसिरे लब्धां श्रियं राज्यं च पाण्डवा:।
ब्राह्मणं तं पुरस्कृत्य पाञ्चालीं च स्वयंवरे॥ ८॥
अनुवाद
ब्राह्मण को अपना पुरोहित नियुक्त करने के बाद, पांडवों को पूरा विश्वास हो गया कि उनका राज्य और धन पहले जैसा ही रहेगा। उन्हें यह भी विश्वास था कि स्वयंवर में द्रौपदी उन्हें अवश्य मिलेगी।
Having appointed the Brahmin as their priest, the Pandavas were sure that their kingdom and wealth would be as good as they had got before. They were also sure that they would get Draupadi in the swayamvara.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥