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mahabharat 1.180.2: तब समस्त वेद विद्वानों में श्रेष्ठ शक्तिनन्दन पराशर ने रक्षासूत्र का अनुष्ठान किया। 2॥   |   mahabharat अध्याय 1.180: पुलस्त्य आदि महर्षियोंके समझानेसे पराशरजीके द्वारा राक्षससत्रकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 180: पुलस्त्य आदि महर्षियोंके समझानेसे पराशरजीके द्वारा राक्षससत्रकी समाप्ति  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.180.2 
ईजे च स महातेजा: सर्ववेदविदां वर:।
ऋषी राक्षससत्रेण शाक्तेयोऽथ पराशर:॥ २॥
 
 
अनुवाद
तब समस्त वेद विद्वानों में श्रेष्ठ शक्तिनन्दन पराशर ने रक्षासूत्र का अनुष्ठान किया। 2॥
 
Then Shaktinandan Parashara, the most brilliant among all the Veda scholars, performed the ritual of Rakshasatra. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)