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mahabharat 1.18.7: जब ब्रह्मा ने उन्हें प्रेरित किया और भगवान नारायण ने आदेश दिया, तब परम शक्तिशाली अनंत (शेषनाग) उठे और कार्य आरंभ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 1.18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान‍्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान‍्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.18.7 
ततोऽनन्त: समुत्थाय ब्रह्मणा परिचोदित:।
नारायणेन चाप्युक्तस्तस्मिन् कर्मणि वीर्यवान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जब ब्रह्मा ने उन्हें प्रेरित किया और भगवान नारायण ने आदेश दिया, तब परम शक्तिशाली अनंत (शेषनाग) उठे और कार्य आरंभ कर दिया।
 
When Brahma inspired him and Lord Narayana ordered, then the immensely powerful Ananta (Sheshnag) got up and started the task.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)