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mahabharat 1.18.45: उसी समय भगवान विष्णु ने मोहिनी शक्ति का सहारा लेकर एक आकर्षक स्त्री का रूप धारण किया और राक्षसों के पास पहुंचे।   |   mahabharat अध्याय 1.18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान‍्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान‍्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  1.18.45 
ततो नारायणो मायां मोहिनीं समुपाश्रित:।
स्त्रीरूपमद्‍भुतं कृत्वा दानवानभिसंश्रित:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
उसी समय भगवान विष्णु ने मोहिनी शक्ति का सहारा लेकर एक आकर्षक स्त्री का रूप धारण किया और राक्षसों के पास पहुंचे।
 
At that very moment Lord Vishnu, taking recourse to the magical power of Mohini, assumed the form of a charming woman and approached the demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)