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श्लोक 1.18.39  |
एतदत्यद्भुतं दृष्ट्वा दानवानां समुत्थित:।
अमृतार्थे महान् नादो ममेदमिति जल्पताम्॥ ३९॥ |
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| अनुवाद |
| यह परम अद्भुत दृश्य देखकर दैत्यों में अमृत के लिए खलबली मच गई और वे सब कहने लगे - 'यह मेरा है, यह मेरा है'॥39॥ |
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| Seeing this most wonderful sight, there was a commotion among the demons for the nectar. They all started saying, 'This is mine, this is mine'॥ 39॥ |
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