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mahabharat 1.18.39: यह परम अद्भुत दृश्य देखकर दैत्यों में अमृत के लिए खलबली मच गई और वे सब कहने लगे - 'यह मेरा है, यह मेरा है'॥39॥   |   mahabharat अध्याय 1.18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान‍्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान‍्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.18.39 
एतदत्यद्‍भुतं दृष्ट्वा दानवानां समुत्थित:।
अमृतार्थे महान् नादो ममेदमिति जल्पताम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
यह परम अद्भुत दृश्य देखकर दैत्यों में अमृत के लिए खलबली मच गई और वे सब कहने लगे - 'यह मेरा है, यह मेरा है'॥39॥
 
Seeing this most wonderful sight, there was a commotion among the demons for the nectar. They all started saying, 'This is mine, this is mine'॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)