Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.18.32: भगवान विष्णु ने कहा, "मैं इस कार्य में लगे सभी लोगों को शक्ति प्रदान कर रहा हूँ। सभी को अपनी पूरी शक्ति लगाकर मंदार पर्वत को घुमाना चाहिए और इस समुद्र को विचलित करना चाहिए।" 32. | mahabharat अध्याय 1.18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान विष्णु ने कहा, "मैं इस कार्य में लगे सभी लोगों को शक्ति प्रदान कर रहा हूँ। सभी को अपनी पूरी शक्ति लगाकर मंदार पर्वत को घुमाना चाहिए और इस समुद्र को विचलित करना चाहिए।" 32.
Lord Vishnu said, "I am giving strength to all those who are engaged in this task. Everyone should use all their might to rotate the Mandara mountain and disturb this ocean." 32.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥