Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.18.11: तब देवताओं और दानवों ने (समुद्र की बात मानकर) समुद्र के तल में स्थित कच्छराज से कहा - 'हे प्रभु! आप इस मंदर पर्वत का आधार बनिए।' | mahabharat अध्याय 1.18: देवताओं और दैत्योंद्वारा अमृतके लिये समुद्रका मन्थन, अनेक रत्नोंके साथ अमृतकी उत्पत्ति और भगवान्का मोहिनीरूप धारण करके दैत्योंके हाथसे अमृत ले लेना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब देवताओं और दानवों ने (समुद्र की बात मानकर) समुद्र के तल में स्थित कच्छराज से कहा - 'हे प्रभु! आप इस मंदर पर्वत का आधार बनिए।'
Then the Gods and the Demons (after accepting the words of the Ocean) said to the King of Kachchhapraja situated at the bottom of the Ocean - 'O Lord! You become the support of this Mandara mountain.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥