Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.178.15: पिताजी, आप यह मत सोचिए कि जब क्षत्रिय हमारे विरुद्ध हिंसा कर रहे थे, तब हम भृगुवंशी ब्राह्मण शुद्ध अंतःकरण वाले होकर अपनी असमर्थता के कारण अपने कुल का संहार चुपचाप सहन करते रहे। | mahabharat अध्याय 1.178: पितरोंद्वारा और्वके क्रोधका निवारण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिताजी, आप यह मत सोचिए कि जब क्षत्रिय हमारे विरुद्ध हिंसा कर रहे थे, तब हम भृगुवंशी ब्राह्मण शुद्ध अंतःकरण वाले होकर अपनी असमर्थता के कारण अपने कुल का संहार चुपचाप सहन करते रहे।
Father, do not think that when the Kshatriyas were committing violence against us, we Brahmins of the Bhrigu lineage being of pure conscience, silently tolerated the killing of our clan due to our inability.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥