Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.177.9: अपनी माता की यह बात सुनकर सत्यनिष्ठ और महान् ऋषि पराशर शोक से भर गए और उन्होंने तुरन्त ही समस्त लोकों का नाश करने का विचार किया॥9॥ | mahabharat अध्याय 1.177: शक्तिपुत्र पराशरका जन्म और पिताकी मृत्युका हाल सुनकर कुपित हुए पराशरको शान्त करनेके लिये वसिष्ठजीका उन्हें और्वोपाख्यान सुनाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स एवमुक्तो दु:खार्त: सत्यवागृषिसत्तम:।
सर्वलोकविनाशाय मतिं चक्रे महामना:॥ ९॥
अनुवाद
अपनी माता की यह बात सुनकर सत्यनिष्ठ और महान् ऋषि पराशर शोक से भर गए और उन्होंने तुरन्त ही समस्त लोकों का नाश करने का विचार किया॥9॥
On hearing his mother say this, the great sage Parashar, who was truthful and great, was filled with grief. He immediately thought of destroying all the worlds.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥