श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 177: शक्तिपुत्र पराशरका जन्म और पिताकी मृत्युका हाल सुनकर कुपित हुए पराशरको शान्त करनेके लिये वसिष्ठजीका उन्हें और्वोपाख्यान सुनाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.177.16 
ददु: केचिद् द्विजातिभ्यो ज्ञात्वा क्षत्रियतो भयम्।
भृगवस्तु ददु: केचित् तेषां वित्तं यथेप्सितम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोगों ने क्षत्रियों के भय से अपना धन ब्राह्मणों को दे दिया और कुछ भृगुवंशियों ने तो उन क्षत्रियों को बहुत-सा धन भी दे दिया ॥16॥
 
Some, out of fear of the Kshatriyas, gave their wealth to the Brahmins and some from the Bhrigu dynasty even gave a considerable amount of money to those Kshatriyas.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)