Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.175.33: फिर विधिपूर्वक उसे तुरन्त पकाकर, भोजन के साथ तपस्वी एवं भूखे ब्राह्मण को दे दिया। 33.   |   mahabharat अध्याय 1.175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  1.175.33 
एतत् संस्कृत्य विधिवदन्नोपहितमाशु वै।
तस्मै प्रादाद् ब्राह्मणाय क्षुधिताय तपस्विने॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
फिर विधिपूर्वक उसे तुरन्त पकाकर, भोजन के साथ तपस्वी एवं भूखे ब्राह्मण को दे दिया। 33.
 
Then, having immediately cooked it according to the rituals, he gave it along with food to the ascetic and hungry Brahmin. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)