Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.175.22: शत्रुघ्न! राजा को राक्षस ने ग्रस लिया है, यह जानकर ऋषि विश्वामित्र भी वहाँ से चले गए॥22॥   |   mahabharat अध्याय 1.175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.175.22 
रक्षसा तं गृहीतं तु विदित्वा मुनिसत्तम:।
विश्वामित्रोऽप्यपाक्रामत् तस्माद् देशादरिंदम॥ २२॥
 
 
अनुवाद
शत्रुघ्न! राजा को राक्षस ने ग्रस लिया है, यह जानकर ऋषि विश्वामित्र भी वहाँ से चले गए॥22॥
 
Shatrughan! Knowing that the demon has possessed the king, sage Visvamitra also left that place. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)