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mahabharat 1.175.21: ब्रह्मर्षि शक्ति के शाप और विश्वामित्र की आज्ञा से किंकर नामक राक्षस राजा के शरीर में प्रवेश कर गया।   |   mahabharat अध्याय 1.175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.175.21 
शापात् तस्य तु विप्रर्षेर्विश्वामित्रस्य चाज्ञया।
राक्षस: किंकरो नाम विवेश नृपतिं तदा॥ २१॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मर्षि शक्ति के शाप और विश्वामित्र की आज्ञा से किंकर नामक राक्षस राजा के शरीर में प्रवेश कर गया।
 
Due to the curse of Brahmarishi Shakti and the orders of Viswamitra, a demon named Kinkar entered the king's body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)