Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.174.42: हे भरतश्रेष्ठ! यद्यपि वसिष्ठ की सेना के सैनिक क्रोध में भरे हुए थे, फिर भी उन्होंने विश्वामित्र के किसी भी सैनिक को नहीं मारा।   |   mahabharat अध्याय 1.174: वसिष्ठजीके अद्‍भुत क्षमा-बलके आगे विश्वामित्रजीका पराभव   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 174: वसिष्ठजीके अद्‍भुत क्षमा-बलके आगे विश्वामित्रजीका पराभव  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  1.174.42 
न च प्राणैर्वियुज्यन्ते केचित् तत्रास्य सैनिका:।
विश्वामित्रस्य संक्रुद्धैर्वासिष्ठैर्भरतर्षभ॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! यद्यपि वसिष्ठ की सेना के सैनिक क्रोध में भरे हुए थे, फिर भी उन्होंने विश्वामित्र के किसी भी सैनिक को नहीं मारा।
 
O best of the Bharatas! Even though they were filled with anger, the soldiers of Vasishtha's army did not kill any of Viswamitra's soldiers. 42.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)