वसिष्ठ उवाच
बलस्थश्चासि राजा च बाहुवीर्यश्च क्षत्रिय:॥ २०॥
यथेच्छसि तथा क्षिप्रं कुरु मा त्वं विचारय।
अनुवाद
वशिष्ठ बोले, "तुम सेना सहित हो, राजा हो और अपने बाहुबल पर निर्भर रहने वाले क्षत्रिय हो। तुम्हारी जैसी इच्छा हो, शीघ्रता से करो, इसके विषय में मत सोचो।"
Vasishtha said, "You are with the army, you are a king and you are a Kshatriya who relies on his physical strength. Do as you wish quickly, do not think about it."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥